कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका माफीनामा और बेल बॉन्ड भरने के बाद जमानत पर रिहा हो गए हैं लेकिन इस मामले की सुनवाई जारी रहेगी। उन्हें 50 हजार के निजी मुचलके और जमानती बॉन्ड भरने पर बेल मिली है। दोनों ने शांति भंग नहीं करने का लिखित भरोसा दिया है। वहीं, एक्टर प्रकाश राज ने वीडियो जारी कर सीजेपी नेताओं की जमानत के लिए पीस बॉन्ड साइन कराए जाने की न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाया है।
प्रकाश राज की सरकार को सीधी चुनौती
प्रकाश राज ने कहा कि ये उन पर दोबारा विरोध प्रदर्शन न करने के लिए डाला जाने वाला दबाव है, लेकिन भारत के युवा सब देख रहे हैं। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को रद्द करने तक देश की जनता अब चुप नहीं बैठेगी। आने वाले दिनों में करोड़ों लोग सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
'सुधर जाओ, युवा फिर एकजुट होंगे'
प्रकाश राज ने सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि सरकार जल्द से जल्द सुधर जाए। प्रदर्शनकारियों से पीस बॉन्ड साइन करवाए जा रहे हैं। सरकार जेम्स बॉन्ड है क्या? कॉकरोच जनता पार्टी के युवा जल्द एकजुट हो रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में करोड़ों लोग सरकार के खिलाफ बगावत का बिगूल फूंकने वाले हैं।
वीडियो में देखें प्रकाश राज ने क्या कुछ कहा-
'तिरंगा लहराने से दिल्ली की शांति भंग नहीं हुई फिर गिरफ्तारी'
इससे पहले प्रकाश राज ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को लेकर सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि आशुतोष और सौरव के तिरंगा लहराने से दिल्ली की शांति भंग नहीं हुई फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने आगे कहा था कि सीजेपी नेताओं की मांग केवल जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने की थी लेकिन पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया। रातभर उनको घुमाया गया, सुबह 3 बजे उनको मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है और 5 दिन की हिरासत में भेज दिया जाता है। देश में यह कितना बड़ा ये जोक है।
सौरव और रांका को क्यों भेजा गया था जेल?
बता दें कि 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने पहुंचे सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन्होंने जंतर-मंतर के बंद गेट को फांदकर इसे प्रोटेस्ट के लिए तय जगह की लिस्ट से हटाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। अभियोजन पक्ष ने कहा था कि इस हरकत से उस पीस बॉन्ड का उल्लंघन हुआ है, जिस पर दोनों ने 10 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद साइन किए थे। उन्होंने चुनावी धांधली के खिलाफ प्रोटेस्ट बुलाया था।
CJP नेताओं ने शांति भंग नहीं करने का दिया लिखित भरोसा
21 अक्टूबर को सौरव और आशुतोष ने नई दिल्ली में एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में शपथ ली कि वे जंतर-मंतर पर किसी भी तरह का प्रोटेस्ट नहीं बुलाएंगे। मजिस्ट्रेट ने 50-50 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड और श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश देकर दोनों को रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी। कल यानि शुक्रवार को दोपहर 3 बजे कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। इस दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ साथ उन लोगों को भी मौजूद रहना होगा जिन्होंने इन दोनों की जमानत दी है
क्राइम ब्रांच के सामने पेश होंगे सौरव, आशुतोष और अजिंक्य
वहीं, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने आज CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पेश होना है। तिहाड़ जेल के बाहर निकलने के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया है। दिल्ली पुलिस ने अजिंक्य शिंदे को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है।
यह भी पढ़ें-
"सौरव और आशु मुझसे न सिर्फ बेहतर, बल्कि कहीं ज़्यादा बड़े नेता हैं", अभिजीत दिपके का ट्वीट